फैजाने मुस्तफा मस्जिद में इज्तिमा मुनअकिद, नमाज की पाबंदी और सुन्नतों पर अमल की दी गई ताकीद
बुलंद परवाज़ ब्यूरो
कुंदरकी। नगर के मोहल्ला तकिया अरब शाह स्थित फैजाने मुस्तफा तकिये वाली मस्जिद में दावते इस्लामी इंडिया की जानिब से जश्ने गौसे आजम के सिलसिले में इज्तिमा मुनअकिद किया गया। इज्तिमा में बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की और उलमा व मुबल्लिगीन की तकरीरें सुनीं। इज्तिमा का आगाज कुरआन पाक की तिलावत से हुआ। कारी जुमैर रजा अत्तारी ने तिलावत-ए-कुरआन पेश की। इसके बाद गुलाम नबी अत्तारी ने गौसे आजम की शान में कलाम पेश किया। कलाम के दौरान मौजूद लोगों ने अकीदत का इजहार किया।

इसके बाद दावते इस्लामी इंडिया के मुबल्लिग शाने आलम अत्तारी ने गौसे पाक की सीरत और उनकी जिंदगी के बारे में बयान किया। उन्होंने कहा कि गौसे पाक इबादत और नमाज के बेहद पाबंद थे। उन्होंने बताया कि गौसे पाक ने चालीस साल तक इशा के वुजू से फज्र की नमाज अदा फरमाई। यानी आप रातों को जागकर अल्लाह पाक की इबादत किया करते थे। शाने आलम अत्तारी ने मुसलमानों से नमाज की पाबंदी करने और नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सुन्नतों पर अमल करने की गुजारिश की। उन्होंने कहा कि इंसान को अपनी मौत और आखिरत की तैयारी के लिए नेक आमाल करने चाहिए। साथ ही अपनी और सारी दुनिया के लोगों की इस्लाह की कोशिश का जज्बा अपने अंदर पैदा करना चाहिए।
इज्तिमा के आखिर में सलातो-सलाम पेश किया गया। इसके बाद मुल्क व मिल्लत की खुशहाली, अमन और तरक्की के लिए दुआ कराई गई। आखिर में लंगर भी तकसीम किया गया।
इस मौके पर रियाज उद्दीन अत्तारी, कारी इमरान अत्तारी, कारी रेहान कमाली, काशिफ अत्तारी, अरकान कादरी, मोहसिन अत्तारी, कारी अबू बक्र अत्तारी, अबरार हुसैन अत्तारी समेत बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे।
