सिकंदराबाद में पिंजरे में कैद हुआ 21वां तेंदुआ

मुरादाबाद में लगातार बढ़ रही तेंदुओं की दस्तक, अब तक 4 लोगों की मौत; 46 पिंजरों से वन विभाग की निगरानी

बुलंद परवाज़ ब्यूरो
मुरादाबाद। जिले के ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं की बढ़ती आवाजाही ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कांठ तहसील के सिकंदराबाद गांव में वन विभाग के पिंजरे में 21वां तेंदुआ कैद हुआ है। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद वन विभाग ने राहत की सांस ली है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं की लगातार मौजूदगी को लेकर लोगों में डर अब भी बना हुआ है।

वन विभाग के मुताबिक, जिले में अब तक ठाकुरद्वारा क्षेत्र से 15 और कांठ तहसील से 6 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। इनमें सिकंदराबाद गांव में पकड़ा गया तेंदुआ भी शामिल है। तेंदुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए वन विभाग की टीमें लगातार संवेदनशील इलाकों में निगरानी कर रही हैं।

तेंदुओं के हमलों में 4 लोगों की मौत

वन विभाग के अनुसार, जिले में तेंदुओं के हमलों की घटनाओं में अब तक 4 लोगों की जान जा चुकी है। मृतकों में 3 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा तेंदुओं के हमलों में दर्जनों लोग घायल भी हो चुके हैं। तेंदुओं की मौजूदगी के चलते गांवों में लोग खेतों और जंगल के आसपास जाने से भी बच रहे हैं।

तीन तेंदुओं की सड़क हादसों में मौत

वन विभाग के मुताबिक, जिले में 3 तेंदुओं की अज्ञात वाहनों की टक्कर से मौत भी हो चुकी है। इससे साफ है कि तेंदुओं की आवाजाही अब ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ सड़कों तक भी पहुंच रही है। सड़क किनारे तेंदुए दिखाई देने की घटनाओं से वाहन चालकों में भी डर बना हुआ है।

46 पिंजरों से चल रही निगरानी

तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग ने जिले के अलग-अलग संवेदनशील क्षेत्रों में 46 पिंजरे लगाए हैं। इसके साथ ही निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे और कैमरा ट्रैप का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। वन विभाग की टीमें लगातार गांवों और जंगल से सटे इलाकों में गश्त कर तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।

3 अगस्त से जारी है रेस्क्यू अभियान

तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से 3 अगस्त से रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान अब तक 21 तेंदुओं को पिंजरे में कैद किया जा चुका है। इसके बावजूद कई ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं की मौजूदगी की सूचनाएं सामने आती रहती हैं।

ग्रामीणों के सामने बड़ा सवाल

तेंदुओं के लगातार पकड़े जाने के बाद भी ग्रामीण इलाकों में इनके आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुरादाबाद में इतनी बड़ी संख्या में तेंदुए आखिर कहां से आ रहे हैं और ग्रामीणों को इनके खौफ से पूरी तरह राहत कब मिलेगी। ग्रामीणों की मांग है कि संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और रेस्क्यू अभियान को और तेज किया जाए, ताकि तेंदुओं के हमलों से लोगों की जान-माल की सुरक्षा की जा सके।

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