सनातन को बदनाम करने की साजिश का लगाया आरोप, बोले- अयोध्या का बदलता स्वरूप संतों के संघर्ष और रामभक्तों की आस्था का परिणाम
बुलंद परवाज़ ब्यूरो, अयोध्या।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चंदा चोरी जैसे आरोप लगाकर अयोध्या और सनातन परंपरा को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। ऐसे लोगों को पहचानने की आवश्यकता है।

दिगंबर अखाड़ा में स्वामी परमहंस रामचंद्र दास महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग स्वयं को बजरंग बली का भक्त बताते हैं और दूसरी ओर सनातन पर सवाल उठाते हैं, उन्हें जनता अच्छी तरह पहचानती है। उन्होंने कहा कि बाबरी के भक्त कभी भी बजरंग बली के भक्त नहीं हो सकते।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन संतों के त्याग, तपस्या और संघर्ष का परिणाम है। संतों ने वर्षों तक कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए इस आंदोलन को आगे बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप आज अयोध्या विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुकी है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था। राम की पैड़ी और सरयू घाट की स्थिति चिंताजनक थी, लेकिन आज अयोध्या का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान अयोध्या त्रेता युग की स्मृतियों को साकार करती दिखाई देती है। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए शहर का विकास किया गया है। यही कारण है कि आज देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में अयोध्या का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या सप्तपुरियों में प्रथम पुरी मानी जाती है। इसलिए इसका विकास उसी गरिमा और महत्व के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या का वर्तमान स्वरूप संतों की साधना, संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों की आस्था का प्रतीक है।
