स्कूल की जमीन का सौदा, फर्जी लैंड यूज रसीद और करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप; पीड़ितों की शिकायत पर कुन्दरकी थाने में एफआईआर दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच।
मुरादाबाद। जनपद के कुन्दरकी थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपये के कथित भूमि घोटाले का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर कुन्दरकी पुलिस ने समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक, उनके परिवार के सदस्यों तथा एक अन्य व्यक्ति सहित कई लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से स्कूल की भूमि का सौदा कराने का झांसा दिया और भूमि का लैंड यूज बदलवाने (लैंड यूज चेंज) के नाम पर पहले 10 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद उत्तर प्रदेश भू-उपयोग विभाग के नाम से कथित रूप से फर्जी रसीद देकर भरोसा दिलाया गया कि भूमि का लैंड यूज बदलने की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। जब शेष धनराशि के बारे में पूछा गया तो कथित तौर पर बताया गया कि वह रिश्वत में खर्च हो गई।
शिकायत के अनुसार, इसके बाद करीब 4 करोड़ 48 लाख रुपये में भूमि का सौदा तय हुआ और विभिन्न चरणों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन तथा नकद भुगतान के माध्यम से बड़ी धनराशि आरोपियों को दी गई। पीड़ितों का कहना है कि अलग-अलग लोगों से रकम लेकर कुल 1 करोड़ 27 लाख 86 हजार रुपये आरोपियों ने प्राप्त कर लिए। इसके समर्थन में इकरारनामा, रसीदें और बैंक लेनदेन के दस्तावेज भी होने का दावा किया गया है।
आरोप है कि जब पीड़ितों ने लैंड यूज परिवर्तन की वास्तविक स्थिति की जानकारी की तो उन्हें दी गई रसीद संदिग्ध लगी। संबंधित विभाग में जांच कराने पर कथित रूप से पता चला कि रसीद फर्जी है। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन राजनीतिक प्रभाव के चलते तत्काल कार्रवाई नहीं होने का आरोप भी लगाया गया।
शिकायत में एक अन्य भूमि सौदे का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि ग्राम बढ़ेरा स्थित करीब साढ़े तीन बीघा जमीन का सौदा वर्ष 2023 में 52.50 लाख रुपये में तय हुआ था, जिसमें लगभग 33.36 लाख रुपये प्राप्त करने के बावजूद विक्रय विलेख (रजिस्ट्री) नहीं कराया गया। इसे भी पीड़ितों ने धोखाधड़ी का हिस्सा बताया है। पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर अब थाना कुन्दरकी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों, बैंक लेनदेन, इकरारनामों और अन्य साक्ष्यों की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मामला करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी और भूमि सौदों से जुड़ा होने के कारण पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। फिलहाल एफआईआर दर्ज होने के बाद विवेचना जारी है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
(यह जमीन हमने एमडीए से ली थी। इसलिए स्कूल के नाम दर्ज है। जिन लोगों ने प्राथमिकी दर्ज कराई है उन्होंने मुझसे जमीन का सौदा किया था। मैंने उनसे कहा था कि जमीन का बैनामा करा लीजिए। मैंने बैनामा कराने को नोटिस भी भेजा है। यह जमीन युसूफ मलिक के माध्यम से तय हुई थी और जो रुपये आए है वह युसूफ मलिक से आए है। राजनीतिक दबाव में मुकदमा दर्ज हुआ है।
हाजी रिजवान, पूर्व विधायक, समाजवादी पार्टी -)
