मुरादाबाद में विद्युत उपकेंद्र पर हंगामा, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन — जांच और राहत की मांग
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुरादाबाद में आम आदमी पार्टी ने स्मार्ट मीटर के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने बिजली बिल में भारी बढ़ोतरी का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
मुरादाबाद में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला विद्युत उपकेंद्र पर प्रदर्शन किया और स्मार्ट मीटर योजना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से स्मार्ट मीटर की तस्वीरें जलाकर अपना विरोध जताया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं और किसानों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उनका कहना है कि जहां पहले बिजली बिल करीब 1500 रुपये आता था, वहीं अब बढ़कर 6 से 7 हजार रुपये तक पहुंच गया है, जिससे आम जनता पर भारी बोझ पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा गया, जिसमें स्मार्ट मीटर परियोजना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही दोषी अधिकारियों और संबंधित कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग उठाई गई। पार्टी का यह भी आरोप है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर होने के बावजूद कई क्षेत्रों में 10 से 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क आधारित मीटरों की कनेक्टिविटी समस्या के चलते किसानों को सिंचाई में दिक्कतें हो रही हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि बिना पर्याप्त जानकारी और पारदर्शिता के इस योजना को लागू करना उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है। फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ता विरोध सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

