वर्जिनिटी सर्टिफिकेट मांगने वाले मदरसे पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्यवाही

एसडीएम, बीएसए और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की टीम ने पहुंचकर की जांच, संचालकों से की पूछताछ

BULAND PARWAZ DIGITAL DESK MORADABAD……

मुरादाबाद। वर्जिनिटी सर्टिफिकेट मांगने के विवाद में घिरे मुरादाबाद के जामिया अहसान-उल-बनात मदरसे पर शनिवार को जिला प्रशासन की टीम पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक (बीएसए) और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी खुद टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने पहुंचते ही मदरसे में जांच शुरू की और मदरसा संचालकों से करीब एक घंटे तक पूछताछ की। दरअसल, चंडीगढ़ में काम करने वाले एक व्यक्ति ने एसएसपी मुरादाबाद से शिकायत की थी कि उनकी बेटी का एडमिशन इस मदरसे में कराया गया था, जहां एडमिशन के दौरान मदरसा प्रबंधन ने छात्रा से “वर्जिनिटी सर्टिफिकेट” मांगा। इस गंभीर आरोप के बाद पुलिस ने दो नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के दौरान एडमिशन इंचार्ज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आज जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर रिकॉर्ड खंगाले और छात्राओं से भी बातचीत की। सूत्रों के अनुसार, टीम ने मदरसे की कार्यप्रणाली, एडमिशन प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की है। टीम ने यह भी देखा कि क्या यहां धार्मिक शिक्षा के साथ किसी प्रकार की अनुचित प्रक्रिया अपनाई जा रही थी या नहीं। जांच के दौरान मदरसा प्रबंधन और प्रशासनिक अफसरों के बीच लंबी बातचीत हुई। अधिकारियों ने संचालकों से कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और छात्राओं की गरिमा सर्वोपरि है। फिलहाल प्रशासन ने पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजने की बात कही है।

घटना के बाद से शहर में चर्चा का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर आरोप सही हैं तो यह शिक्षा और इंसानियत दोनों पर कलंक है। वहीं, मदरसा प्रबंधन का पक्ष है कि मामला गलतफहमी और गलत प्रस्तुति का नतीजा है। प्रशासन की जांच अभी जारी है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि क्या वाकई छात्राओं के साथ ऐसा शर्मनाक व्यवहार हुआ या फिर किसी ने मदरसे को बदनाम करने की साजिश रची है।

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