हल्की बारिश में ओवरफ्लो हो रहा तालाब, घरों की नींव हिली, बीमारियों का खतरा बढ़ा—कार्रवाई न हुई तो आंदोलन की चेतावनी
मैनाठेर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत अहलादपुर में आबादी के बिल्कुल समीप स्थित सरकारी तालाब ग्रामीणों के लिए गंभीर मुसीबत बन गया है। तालाब के पूरी तरह भर जाने के कारण उसका गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी गांव की गलियों, रास्तों और कई घरों के भीतर तक घुस गया है, जिससे गांव के हालात बद से बदतर हो गए हैं। इसको लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की वर्षों से न तो नियमित सफाई कराई गई और न ही गहराईकरण कराया गया। नतीजतन हल्की बारिश में ही तालाब ओवरफ्लो हो जाता है और दूषित पानी आबादी में फैल जाता है। इससे गांव में डेंगू, बुखार, खांसी और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। ग्राम प्रधान मो. कासिम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान उपजिलाधिकारी बिलारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर समस्या से अवगत कराया था। प्रार्थना पत्र में बताया गया कि खसरा संख्या 453 में स्थित यह तालाब पूरे गांव की जल निकासी व्यवस्था से जुड़ा हुआ है, लेकिन जलकुंभी, गंदगी और अवैध अवरोधों के चलते पानी का बहाव पूरी तरह बाधित हो चुका है। इसी कारण तालाब का पानी वापस गांव की ओर लौट रहा है, जिससे मकानों को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने प्रशासन से तालाब की तत्काल सफाई, गहराईकरण, जल निकासी की समुचित व्यवस्था और स्थायी समाधान की मांग की है। गांव में हालात इतने खराब हैं कि महिलाएं नालियों का गंदा पानी खुद हाथों से निकालकर फेंकती हुई नजर आईं। वहीं ग्रामीणों ने अपने घर दिखाते हुए बताया कि लगातार पानी भरे रहने से घरों की नींव हिल चुकी है और दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। ग्रामीणों जाकिर, शाकिर, मुस्तकीम सहित अन्य लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई थी, लेकिन गांव में डर, चिंता और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
