मुरादाबाद। कृषि विभाग मुरादाबाद ने 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस के अवसर पर जनपद स्तरीय कार्यक्रम आईपीएम लैब सभागार में आयोजित किया। कार्यक्रम में संयुक्त कृषि निदेशक जीवन प्रकाश मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उप कृषि निदेशक संतोष कुमार द्विवेदी ने अतिथि का स्वागत कर कार्यक्रम की शुरुआत कराई।
मुख्य अतिथि ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य की महत्ता बताते हुए मृदा परीक्षण और संस्तुति अनुसार उर्वरकों के प्रयोग की अपील की। साथ ही प्राकृतिक खेती अपनाने और धरती माता को बचाने की शपथ दिलाई।
कृषि विज्ञान केंद्र बिलारी के वैज्ञानिक डॉ. सौरभ तोमर ने मृदा नमूना लेने की विधि और सह-फसली खेती से मिट्टी सुधार पर जानकारी दी। उप कृषि निदेशक संतोष द्विवेदी ने रासायनिक उर्वरकों के सीमित प्रयोग, देशी पदार्थों से जैविक घोल बनाने और एकीकृत कीट प्रबंधन के उपयोग पर जोर दिया। सहायक निदेशक मृदा हर्षित चौहान ने बताया कि जिले की मिट्टी में कार्बन और नाइट्रोजन की कमी पाई गई है। भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार ने जल–मृदा संरक्षण और सही तरीके से मृदा नमूना लेने की जानकारी दी प्रगतिशील किसान शिशुपाल सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए पराली सड़ाकर खाद बनाने और गोबर खाद के उपयोग को लाभकारी बताया।
अंत में संयुक्त कृषि निदेशक द्वारा किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। कार्यक्रम में विभिन्न विकास खंडों से आए किसान और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त कृषि अधिकारी चंद्रहास जी ने किया।
