27 साल बाद घर लौटा ‘लापता’ बेटा: ग्राम प्रधान की पहल से परिवार से मिला तेजपाल सिंह

रिपोर्ट – मो आसिफ चौधरी

1999 में पत्नी से विवाद के बाद छोड़ दिया था घर, परिवार ने मान लिया था मृत—ब्लॉक कुंदरकी में पहचान होने पर हुआ भावुक मिलन

मैनाठेर। थाना मैनाठेर क्षेत्र के गांव बघी गोवर्धनपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 27 साल पहले घर छोड़कर गया व्यक्ति अचानक वापस लौट आया। ग्राम प्रधान की सूझबूझ और पहल से यह बिछड़ा सदस्य एक बार फिर अपने परिवार से मिल सका, जिससे पूरे गांव में भावुक माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, बघी गोवर्धनपुर निवासी तेजपाल सिंह, पुत्र डोरी सिंह, वर्ष 1999 में अपनी पत्नी सर्वेश से विवाद के बाद घर छोड़कर चले गए थे। परिवार ने उन्हें ढूंढने की काफी कोशिश की, लेकिन कई वर्षों तक कोई सुराग नहीं मिलने पर उन्हें मृत मान लिया गया। हालात ऐसे बने कि करीब 10 साल बाद पत्नी सर्वेश की शादी उनके देवर ओमवीर उर्फ मुन्ना से कर दी गई, ताकि वह अपने दो छोटे बेटों—ओंकार (3 वर्ष) और देवेंद्र (1 वर्ष)—की परवरिश कर सकें। समय बीतता गया और सर्वेश ने अपने दोनों बेटों की परवरिश करते हुए उनकी शादियां भी कर दीं। परिवार अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मंगलवार को ग्राम प्रधान धीरेंद्र सिंह के पास ब्लॉक कुंदरकी से एक फोन आया। अधिकारियों ने एक व्यक्ति तेजपाल सिंह के बारे में जानकारी मांगी। यह नाम सुनते ही प्रधान चौंक गए, क्योंकि यह वही व्यक्ति था जो 27 साल पहले लापता हो गया था। प्रधान ने तुरंत अधिकारियों से उस व्यक्ति को वहीं रोकने को कहा और परिवार को साथ लेकर ब्लॉक कुंदरकी पहुंच गए। जैसे ही परिवार की नजर उस व्यक्ति पर पड़ी, सभी दंग रह गए—वह सच में तेजपाल सिंह ही था। वर्षों बाद अपने परिजनों को देखकर तेजपाल भी खुद को रोक नहीं पाए और परिवार से लिपटकर फूट-फूट कर रोने लगे। वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
पूछताछ में तेजपाल सिंह ने बताया कि वह गुस्से में घर छोड़कर सहारनपुर की एक फैक्ट्री में काम करने लगे थे। कई बार घर लौटने का मन हुआ, लेकिन पुराने विवाद के कारण उन्होंने हिम्मत नहीं जुटाई। अब वह अपने गांव में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए जरूरी कागजात लेने ब्लॉक कुंदरकी पहुंचे थे, जहां उनकी पहचान हो गई।
ग्राम प्रधान धीरेंद्र सिंह की पहल और प्रशासन के सहयोग से 27 साल बाद यह बिछड़ा परिवार एक बार फिर मिल सका।

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