पेड़ों की छंटाई के दौरान हुआ हादसा, इलाज के दौरान तोड़ा दम; विभागीय सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
BULAND PARWAZ NEWS | DIGITAL DESK, MORADABAD
मुरादाबाद के थाना कटघर क्षेत्र से शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां बिजली विभाग में कार्यरत एक संविदा कर्मचारी की हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान रवि सैनी निवासी डबल फाटक के रूप में हुई है। रवि सैनी पिछले करीब चार वर्षों से शिवपुरी बिजली घर में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। बिजली विभाग में वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद संविदाकर्मी लाइनमैनों को अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य सौंपा गया था। इसी के तहत रवि सैनी को शिवपुरी उपकेंद्र से हटाकर थाना कटघर क्षेत्र के पीतल बस्ती इलाके में पेड़ों की छंटाई का कार्य दिया गया था।
शुक्रवार को ड्यूटी के दौरान पेड़ों की छंटाई करते समय अचानक रवि का संतुलन बिगड़ गया और वह हाई टेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया। करंट की चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही थाना कटघर प्रभारी विनोद कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने गंभीर रूप से झुलसे रवि सैनी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे के बाद जहां मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों और कर्मचारियों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग में संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के हाई रिस्क वाले काम कराए जा रहे हैं, जो जानलेवा साबित हो रहे हैं।
थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि रवि सैनी घटना के समय ड्यूटी पर था और पेड़ों की छंटाई के दौरान यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि यदि परिजनों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त होती है, तो उसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
यह हादसा एक बार फिर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जहां रोजी-रोटी की मजबूरी में कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं।
