मदरसा जामिया हबीबिया सैफुल उलूम का कम उम्र हाफिज बना मिसाल
मैनाठेर (मुरादाबाद)।
मदरसा जामिया हबीबिया सैफुल उलूम थाना मैनाठेर, डींगरपुर में गुरुवार को एक ऐतिहासिक माहौल देखने को मिला। यहां के कम उम्र तालिबे-इल्म हाफिज मोहम्मद सुफियान इब्ने जहांगीर ने सुबह से लेकर शाम तक एक ही रकत में पूरा कुरआन शरीफ सुना कर सबको हैरत में डाल दिया। मदरसे में पहली बार किसी छात्र ने इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी कामयाबी हासिल की है। पूरे दिन चले इस खास कार्यक्रम में मदरसे के असातिज़ा-ए-किराम मौलाना मोहम्मद अय्यूब साहब (सदर मुदर्रिस), मौलाना जुल्फिकार सरिम साबरी साहब, कारी नासिर साहब, कारी ग़ालिब रज़ा साहब, कारी जाहिद हुसैन साहब समेत दीगर अहले-सुन्नत की बड़ी संख्या मौजूद रही।
कुरआन ख्वानी के दौरान माहौल रूहानी सा रहा। हाफिज मोहम्मद सुफियान की तिलावत सुनकर मौजूद उस्तादों ने खुशी का इजहार किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की दुआ की।
असातिज़ा ने बताया कि सुफियान की मेहनत, लगन और अल्लाह की मेहरबानी से यह बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। मदरसे के जिम्मेदारों ने भी इस उपलब्धि को मदरसे का गर्व बताया। अंत में तमाम उलेमा और जिम्मेदारों ने हाफिज सुफियान को दुआओं से नवाजा और उसकी हिम्मत को सराहा। मदरसे में इस कामयाबी को लेकर जश्न जैसा माहौल रहा।
